बक्सर में नाबालिग छात्रा मामले में बड़ी कार्रवाई: मुख्य आरोपी शिक्षक अरविंद कुमार गिरफ्तार, हेडमास्टर समेत तीन पर POCSO में FIR !एसपी शुभम आर्य की सख्ती के बाद पुलिस का एक्शन, कड़ी सुरक्षा के बीच थाने लाकर आरोपी से पूछताछ; एक अन्य शिक्षक समेत कई लोगों से पूछताछ जारी, दूसरे आरोपी की तलाश में छापेमारी !
बक्सर- बिहार के बक्सर जिले में नाबालिग छात्रा से दुष्कर्म के आरोप और कथित वीडियो वायरल होने के मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। कृष्णाब्रह्म थाना क्षेत्र के नथुनी अहीर डेरा स्थित सरकारी विद्यालय से जुड़े इस मामले में पुलिस ने कथित मुख्य आरोपी शिक्षक अरविंद कुमार को गिरफ्तार कर लिया है। गिरफ्तारी की पुष्टि बक्सर के पुलिस अधीक्षक शुभम आर्य ने की है। पुलिस आरोपी को कड़ी सुरक्षा के बीच थाने लाकर पूछताछ कर रही है।तीन के खिलाफ दर्ज है पास्को एक्ट में एफआईआर !
मामले में विद्यालय के प्रधानाध्यापक मू. इमाम अली अंसारी, शिक्षक अरविंद कुमार और शिक्षक बीरेंद्र कुमार के खिलाफ नाबालिग से जुड़े गंभीर आरोपों में POCSO एक्ट के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है। पुलिस के अनुसार मामले की जांच कई स्तरों पर की जा रही है। एक अन्य शिक्षक समेत कई लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ किए जाने की भी बात सामने आई है। वहीं, एक आरोपी अभी पुलिस की पकड़ से बाहर है।
एसपी की सख्ती के बाद तेज हुई कार्रवाई
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक शुभम आर्य स्वयं कृष्णाब्रह्म थाना पहुंचे और पूरे घटनाक्रम की जानकारी ली। इसके बाद पुलिस ने आरोपियों की गिरफ्तारी और कथित वीडियो से जुड़े साक्ष्यों की तलाश को लेकर कार्रवाई तेज कर दी। पुलिस सूत्रों के अनुसार, मुख्य आरोपी शिक्षक अरविंद कुमार की गिरफ्तारी के लिए रातभर संभावित ठिकानों पर छापेमारी की गई। इसके बाद उसे गिरफ्तार किया गया। पुलिस अब दूसरे आरोपी शिक्षक की गिरफ्तारी के लिए भी लगातार छापेमारी कर रही है। एसपी शुभम आर्य ने गिरफ्तारी की पुष्टि करते हुए कहा है कि मामले में पुलिस की कार्रवाई जारी है और फरार आरोपी को भी जल्द गिरफ्तार करने का प्रयास किया जा रहा है।होटलों में पूरी रात छापेमारी, फॉरेंसिक टीम भी जांच में शामिल
मामले में सामने आए कथित वीडियो ने जांच को और गंभीर बना दिया है। वीडियो में जिस होटल के कमरे का होने का दावा किया जा रहा है, उसकी पहचान के लिए पुलिस ने कई होटलों की जांच की। बताया जा रहा है कि पुलिस की टीम ने रातभर करीब आधा दर्जन होटलों में छापेमारी की। जांच के दौरान फॉरेंसिक टीम को भी शामिल किया गया। पुलिस वीडियो से जुड़े स्थान, डिजिटल साक्ष्य और अन्य परिस्थितिजन्य साक्ष्यों की जांच कर रही है। हालांकि, अब तक पुलिस उस कथित होटल के कमरे की निश्चित पहचान नहीं कर सकी है, जहां से वीडियो रिकॉर्ड किए जाने का दावा किया जा रहा है। पुलिस वीडियो के स्रोत और उसके प्रसार की कड़ी को भी खंगाल रही है।
फर्जी डिग्री पर नौकरी का आरोप,
शिक्षा विभाग ने कहा-फाइल देखकर देंगे जानकारी मामले की जांच के बीच एक आरोपी शिक्षक पर पहले से कथित तौर पर फर्जी शैक्षणिक प्रमाणपत्र के आधार पर नौकरी हासिल करने का आरोप भी सामने आया है। शिक्षा विभाग से जुड़े एक कर्मी ने नाम नहीं प्रकाशित करने की शर्त पर दावा किया कि इस शिक्षक की डिग्री को लेकर पहले भी विभागीय स्तर पर जांच हुई थी। आरोप है कि जिस संस्थान के नाम से प्रमाणपत्र प्रस्तुत किया गया था, उसकी वैधता और अस्तित्व को लेकर सवाल सामने आए थे। यह भी दावा किया गया कि जांच के दौरान कथित कॉलेज और प्रमाणपत्र को लेकर गंभीर विसंगतियां मिली थीं। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है। इस संबंध में जिला शिक्षा पदाधिकारी इंद्र कुमार कर्ण से पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि यह पुराना मामला बताया जा रहा है और बिना संबंधित फाइल देखे कोई आधिकारिक जानकारी देना संभव नहीं है। उन्होंने कहा कि पहले फाइल देखी जाएगी और पूरे मामले को समझने के बाद ही विभाग की ओर से स्थिति स्पष्ट की जाएगी। यानी फर्जी डिग्री का आरोप फिलहाल जांच का विषय है और इसकी आधिकारिक पुष्टि शिक्षा विभाग की ओर से होना बाकी है।
तीन पर पास्को एक्ट में दर्ज हुआ एफआईआर !
पीड़ित छात्रा के परिजनों की ओर से कृष्णाब्रह्म थाने में विद्यालय के प्रधानाध्यापक मू. इमाम अली अंसारी, शिक्षक अरविंद कुमार और शिक्षक बिरेन्द्र कुमार के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई गई है। आरोपों में नाबालिग छात्रा के साथ दुष्कर्म, कथित वीडियो बनाए जाने, उसे वायरल करने और ब्लैकमेल किए जाने जैसी गंभीर बातें शामिल हैं। पुलिस अब FIR में लगाए गए आरोपों की जांच साक्ष्यों के आधार पर कर रही है। यह मामला सामने आने के बाद जिले में शिक्षा व्यवस्था और विद्यालय प्रशासन की भूमिका को लेकर भी गंभीर सवाल उठ रहे हैं। विद्यालय के प्रधानध्यापक के बाद अब मुख्य आरोपी शिक्षक अरविंद कुमार को भी पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है!
राजकीय सम्मान की सूची ने बढ़ाया विवाद!
मामले ने उस समय और तूल पकड़ लिया जब इसी विद्यालय के प्रधानाध्यापक का नाम शिक्षक दिवस के अवसर पर दिए जाने वाले राजकीय सम्मान की सूची में सामने आया। एक तरफ विद्यालय से जुड़े शिक्षकों पर नाबालिग छात्रा से संबंधित गंभीर आरोप सामने आए और दूसरी तरफ उसी विद्यालय के प्रधानाध्यापक का नाम सम्मान के लिए प्रस्तावित होने की खबर ने विभागीय प्रक्रिया पर सवाल खड़े कर दिए। विवाद बढ़ने के बाद शिक्षा विभाग ने सम्मान सूची से नाम हटाने की कार्रवाई की।
शिक्षा मंत्री ने दी पूरी जानकारी !
बिहार के शिक्षा मंत्री मिथलेश तिवारी ने मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि घटना से बिहार शर्मसार हुआ है। उनका कहना था कि जिस विद्यालय से जुड़े शिक्षकों पर इस तरह के गंभीर आरोप लगे हैं, वहां के शिक्षक को सम्मानित किए जाने का सवाल ही नहीं उठता। उन्होंने कठोर कार्रवाई की बात कही। इसके बाद जिला शिक्षा पदाधिकारी के स्तर से भी सम्मान सूची से नाम हटाने संबंधी पत्र जारी किए जाने की जानकारी सामने आई।
स्थानीय लोगों के सवालों ने बढ़ाई अधिकारियों की मुश्किल!
मामले में स्थानीय लोगों के कई सवाल अब प्रशासन और शिक्षा विभाग के सामने हैं। लोग पूछ रहे हैं कि जिस विद्यालय के प्रधानाध्यापक का नाम राजकीय सम्मान के लिए भेजा गया, उस नाम की अनुशंसा किस स्तर पर की गई? क्या सम्मान के लिए नाम प्रस्तावित करने से पहले विद्यालय और संबंधित शिक्षक की पृष्ठभूमि की जांच की गई थी? ग्रामीणों का यह भी आरोप है कि विद्यालय को लेकर पहले शिकायतें की गई थीं। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि शिकायतों पर समय रहते कार्रवाई क्यों नहीं हुई?
हेडमास्टर की भूमिका पर भी उठ रहे सवाल
विद्यालय के प्रधानाध्यापक को संस्थान का प्रशासनिक प्रमुख माना जाता है। ऐसे में स्थानीय लोग यह सवाल उठा रहे हैं कि यदि विद्यालय परिसर या विद्यालय से जुड़े लोगों पर इतने गंभीर आरोप हैं तो प्रधानाध्यापक को इसकी जानकारी क्यों नहीं हुई? दूसरी तरफ शिक्षा विभाग की ओर से यदि यह कहा जाता है कि संबंधित नाबालिग छात्रा उस विद्यालय की छात्रा नहीं थी, तो फिर वायरल कथित वीडियो और उससे जुड़े आरोपों की वास्तविकता क्या है? कथित बातचीत में छात्रा को लेकर जो दावे किए जा रहे हैं, उनका संदर्भ क्या है? इन तमाम सवालों का जवाब पुलिस की जांच और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर ही सामने आएगा।
पुलिस जांच का दायरा बढ़ा, कई लोगों से पूछताछ!
मामले में पुलिस अब सिर्फ आरोपियों की गिरफ्तारी तक सीमित नहीं है। कथित वीडियो की उत्पत्ति, उसके रिकॉर्ड किए जाने की जगह, वीडियो वायरल होने की परिस्थितियां, मोबाइल और डिजिटल साक्ष्य तथा आरोपों से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच की जा रही है। पुलिस ने मुख्य आरोपी शिक्षक को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि दूसरे आरोपी की तलाश जारी है। इसके अलावा एक अन्य शिक्षक समेत कई लोगों से पूछताछ की जा रही है। एसपी शुभम आर्य की निगरानी में जांच आगे बढ़ने के बाद शिक्षा विभाग से जुड़े कई सवाल भी जांच के दायरे में आते दिखाई दे रहे हैं।
अब जांच के सामने कई बड़े सवाल
इस पूरे प्रकरण में अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि नाबालिग छात्रा से जुड़े आरोपों की सच्चाई क्या है, कथित वीडियो कहां और कैसे बनाया गया, इसे वायरल करने के पीछे कौन था और आरोपों में नामजद सभी लोगों की वास्तविक भूमिका क्या रही? इसके साथ ही शिक्षक के कथित फर्जी प्रमाणपत्र का आरोप सही है या नहीं, यदि सही है तो पहले हुई कथित विभागीय जांच में क्या सामने आया और कार्रवाई क्यों नहीं हुई—इन सवालों के जवाब भी जांच के बाद ही स्पष्ट होंगे।
फिलहाल बक्सर पुलिस ने मुख्य आरोपी शिक्षक को गिरफ्तार कर लिया है और दूसरे आरोपी की तलाश जारी है। पुलिस की कार्रवाई और जांच की अगली कड़ी पर अब पूरे जिले की नजर टिकी हुई है।






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