घूस की गंगोत्री में डूबा परिवहन विभाग, कोयला ट्रक से रात में हुआ ‘सेटिंग का खेल’! 15 हजार लेकर छोड़ी गई ट्रक, ऑडियो वायरल होते ही होमगार्ड पर गिरा गाज!

 घूस की गंगोत्री में डूबा परिवहन विभाग, कोयला ट्रक से रात में हुआ ‘सेटिंग खेल’! 15 हजार लेकर छोड़ी गई ट्रक, ऑडियो वायरल होते ही होमगार्ड पर गिरा गाज! ‘सिंघम’ सिपाही पर मेहरबान सिस्टम, सवाल पूछने वालों को थमाया शो-कॉज! 10 घंटे बाद काटा गया 40 हजार का चालान, भ्रष्टाचार ढकने में जुटा विभाग! चाभी, रिश्वत और फर्जी जांच का खेल, बक्सर परिवहन चेकपोस्ट बना उगाही सेंटर!

बक्सर -जिले का परिवहन चेकपोस्ट इन दिनों कानून लागू करने से ज्यादा “सेटिंग और वसूली” के लिए चर्चाओं में है। उत्तरप्रदेश बॉर्डर पर बने इस चेकपोस्ट पर रात के अंधेरे में ऐसा खेल चलता है, जिसने पूरे सिस्टम की कार्यशैली पर सवाल खड़ा कर दिया है। ताजा मामला कोयला लदी एक ट्रक से जुड़ा है, जिसमें रिश्वत, दबाव, फर्जी जांच और विभागीय संरक्षण की परतें खुलती नजर आ रही हैं। चेकपोस्ट पर तैनात होमगार्ड के जवान और वायरल ऑडियो के मुताबिक, तड़के करीब तीन बजे परिवहन विभाग में तैनात सिपाही सूरज झा सिंघम स्टाइल में चेकपोस्ट पर पहुंचता है और बिहार से उत्तरप्रदेश जा रही कोयला लदी ट्रक को रुकवाता है। वहां मौजूद होमगार्ड जवानों के अनुसार, सिपाही ने ट्रक को निगरानी में रखने की बात कही, लेकिन जब वाहन की चाभी और चालक का लाइसेंस रजिस्टर में दर्ज करने के लिए मांगा गया तो उसने चाभी देने से इनकार कर दिया। इसके बाद वह वहां से निकल गया।

बिना सरकारी प्रक्रिया के 15 हजार देकर निकाल ले गया वाहन !

कुछ देर बाद वही ट्रक बिना किसी आधिकारिक प्रक्रिया के चेकपोस्ट से बाहर निकल गई। मामला तब गरमा गया जब होमगार्ड जवानों ने ट्रक चालक से संपर्क किया। चालक ने कथित तौर पर फोन पर बताया कि “साहब” ने 15 हजार रुपये लेकर दूसरी चाभी से गाड़ी निकालने को कहा था। यही बातचीत अब वायरल ऑडियो के रूप में जिलेभर में चर्चा का विषय बनी हुई है। सबसे बड़ा सवाल यह है कि अगर वाहन में गड़बड़ी थी तो उसे मौके पर सीज क्यों नहीं किया गया? यदि ओवरलोड था तो तत्काल चालान क्यों नहीं कटा? और अगर ऑडियो फर्जी है तो बिना किसी फॉरेंसिक या लैब जांच के विभाग ने उसे फर्जी घोषित कैसे कर दिया?

खुलासा करने वाले होमगार्ड के जवान बन गए दोषी !

मामला सामने आते ही कार्रवाई का पूरा फोकस रिश्वत के आरोपों से हटाकर होमगार्ड जवानों पर डाल दिया गया। विभागीय अधिकारियों ने परिवहन विभाग के सिपाही को बचाते हुए होमगार्ड जवानों को शो-कॉज थमा दिया। आरोप है कि भ्रष्टाचार उजागर करने वालों को ही दोषी बनाने की कोशिश शुरू हो गई। हैरानी की बात यह भी है कि जिस ट्रक को रात में छोड़ दिया गया, उस पर लगभग 10 घंटे बाद 40 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया। जिला परिवहन पदाधिकारी का कहना है कि बाद में भी चालान किया जा सकता है और वाहन का विवरण रखा जाता है। लेकिन सवाल यह उठ रहा है कि जब वाहन मौके पर मौजूद ही नहीं था तो ओवरलोडिंग का आंकलन किस आधार पर किया गया? क्या सिर्फ विभागीय छवि बचाने के लिए बाद में जुर्माने का कागज तैयार कर दिया गया?

विभाग का सबसे काबिल है यह सिंघम सिपाही !

स्थानीय कर्मचारियों के बीच चर्चा है कि परिवहन विभाग का यह “सिंघम” सिपाही विभाग में खास पकड़ रखता है। सिंडिकेट गोलंबर इलाके में उसकी तूती बोलती है और अधिकारी भी उस पर हाथ डालने से बचते हैं। हालांकि जिला परिवहन पदाधिकारी ने किसी भी खास रिश्ते से इनकार किया है, लेकिन सवाल फिर भी कायम है कि आखिर किसके संरक्षण में रात के अंधेरे में यह “चाभी वाला खेल” चलता है?

खेल चाभी का !

बक्सर का परिवहन चेकपोस्ट अब जांच चौकी कम और उगाही चौकी ज्यादा नजर आने लगा है। वायरल ऑडियो ने उस काले सच को सामने ला दिया है, जहां कानून की वर्दी पहनकर सिस्टम खुद कानून का सौदा करता दिखाई दे रहा है। अब देखना यह है कि जांच सिर्फ कागजों तक सीमित रहती है या फिर रिश्वत के इस खेल के असली किरदारों तक भी कार्रवाई पहुंचती है।

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