फोटो सेशन वाली विकास नीति पर बरसे विधायक आनंद मिश्रा, बोले — जनता गड्ढे में और साहब कैमरे में व्यस्त!” “सड़क आधी बनाकर छोड़ने वालों पर फूटा विधायक का गुस्सा, कहा — क्षमता नहीं तो ठेका क्यों?” “बक्सर में योजनाओं की सिर्फ शुरुआत की तस्वीर, समाधान की रिपोर्ट गायब — विधायक ने खोली पोल!” “एसडीएम को भेजी जाम और बदहाली की तस्वीर, फिर भी बहानेबाजी जारी — विधायक का बड़ा हमला!” “लोकतंत्र में जनता मालिक है, अफसरशाही नहीं चलेगी एक्शन मोड में दिखे आनंद मिश्रा!”
कागज और कैमरों के सहारे विकास का हो रहा है दावा ?-पत्रकारों से बातचीत के दौरान विधायक ने कहा कि अब केवल कागजों और कैमरों के सहारे विकास का दावा नहीं चलेगा। अगर सिस्टम में रहना है तो जमीन पर उतरकर जनता के लिए काम करना ही होगा। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि बक्सर में विकास कम और “फोटो सेशन” ज्यादा हो रहा है। योजनाओं के उद्घाटन और शुरुआत की तस्वीरें तो खूब जारी होती हैं, लेकिन योजना जमीन पर कितना उतरी, इससे जनता को क्या फायदा मिला और समस्याओं का समाधान हुआ या नहीं, इसकी कोई जवाबदेही नहीं दिखाई देती।
जर्जर सड़क मस्त अधिकारी ?विधायक ने बक्सर शहर की जर्जर सड़कों और अधूरे निर्माण कार्यों को लेकर भी गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि शहर में जिस सड़क की तरफ जाइए, कहीं थोड़ी दूरी तक सड़क बनाकर छोड़ दिया गया है तो कहीं महीनों से काम अधूरा पड़ा है। इससे आम लोगों, स्कूली बच्चों, महिलाओं और रोज कमाने-खाने वाले लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि अधिकारियों को खुद पता है कि कई ठेकेदारों में काम करने की क्षमता नहीं है, फिर भी एक ही ठेकेदार को कई बड़े काम दे दिए जाते हैं। आखिर इसके पीछे वजह क्या है, यह भी जांच का विषय होना चाहिए।
बहाने बाजी करते दिखे एसडीएम ?विधायक ने एक इलाके का उदाहरण देते हुए बताया कि बगीचा लेन के पास सड़क निर्माण के नाम पर रास्ता पूरी तरह ब्लॉक कर दिया गया था। वहां से गुजरने के लिए छात्राओं और महिलाओं को ऊपर चढ़कर निकलना पड़ रहा था। उन्होंने कहा कि उस बदहाल स्थिति की तस्वीर खुद उन्होंने खींचकर बक्सर एसडीएम को भेजी थी, लेकिन कार्रवाई के बजाय बहाने सुनने को मिले। विधायक के अनुसार अधिकारी हमेशा “यह हो रहा है, वह हो रहा है” कहकर अपनी जिम्मेदारी से बचते दिखाई देते हैं, जबकि जमीन पर हालात जस के तस बने हुए हैं।
फोटो नही जनता को चाहिए परिणाम !उन्होंने कहा कि जनता अब केवल घोषणाएं और तस्वीरें नहीं, बल्कि परिणाम चाहती है। बक्सर में विकास योजनाओं का प्रचार तो बड़े स्तर पर होता है, लेकिन आम लोगों की जिंदगी में उसका असर नजर नहीं आता। विधायक ने यह भी कहा कि लोकतंत्र में जनता मालिक होती है और नौकरशाह जनता के सेवक। यहां “राजा-रानी” वाली व्यवस्था नहीं चलेगी। अगर किसी अधिकारी को कुर्सी पर बने रहना है तो उसे जनता की समस्याओं का समाधान करना ही होगा।
गौरतलब है कि पिछले कुछ दिनों से विधायक लगातार सड़क, जलजमाव, अधूरे निर्माण और प्रशासनिक लापरवाही जैसे मुद्दों पर मुखर दिखाई दे रहे हैं। ऐसे में अब बक्सर की राजनीति और प्रशासन दोनों में हलचल तेज हो गई है। जनता के बीच भी यह चर्चा शुरू हो गई है कि आखिर विकास की असली तस्वीर जमीन पर कब दिखाई देगी और कब तक समस्याओं पर केवल कैमरों की चमक हावी रहेगी। विधायक ने स्पष्ट कर दिया है कि राजनीति में हर लोग गन्दे नही होते ! और न ही राजनीति गन्दी होती है!





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