अब फुट ओवरब्रिज पर चढ़ने लगे ट्रैक्टर! बक्सर में बदहाल व्यवस्था पर उठे बड़े सवाल दोषी कौन ? सिस्ट्म या चालक !

 26.40 करोड़ का आरओबी बंद, रेलवे फाटक पर ताला... अब फुट ओवरब्रिज पर चढ़ने लगे ट्रैक्टर! बक्सर में बदहाल व्यवस्था पर उठे बड़े सवाल ! एफओबी पर ट्रैक्टर चढ़ाने वाले चालक की पहचान, कार्रवाई की तैयारी। लेकिन लोगों का सवाल- जब आरओबी भी बंद और रेलवे फाटक भी बंद, तो आखिर लाखों लोग जाएं तो जाएं कहां?

बक्सर-  इटाढ़ी रेलवे गुमटी के समीप बना 26 करोड़ 40 लाख रुपये की लागत वाला रेलवे ओवरब्रिज (आरओबी) चालू होने के महज 96 घंटे बाद ही क्षतिग्रस्त होकर बंद हो गया। दूसरी ओर रेलवे प्रशासन ने इटाढ़ी रेलवे फाटक को भी स्थायी रूप से बंद कर रखा है। ऐसे में क्षेत्र की लाखों आबादी रोजाना आवागमन की भारी परेशानी झेल रही है। इसी बीच फुट ओवरब्रिज (एफओबी) पर ट्रैक्टर चढ़ाने का वीडियो सामने आने के बाद एक बार फिर पूरे सिस्टम की कार्यशैली पर सवाल उठने लगे हैं।

मीडिया में आई खबर तो टूटी प्रशासन की नींद!

वीडियो वायरल होने के बाद शनिवार को सदर एसडीएम अविनाश कुमार, एसडीपीओ गौरव पांडेय समेत रेलवे और आरपीएफ के अधिकारियों ने घटनास्थल पर  पहुंचकर पूरे मामले की जांच की। जांच के दौरान ट्रैक्टर चालक की पहचान कर ली गई है। प्रशासन ने उसके विरुद्ध विधि-सम्मत कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू करने का निर्देश दिया है।

इस हालात का जिम्मेवार कौन?

हालांकि इस घटना ने केवल एक चालक की गलती नहीं, बल्कि इलाके की बदहाल यातायात व्यवस्था को भी चर्चा के केंद्र में ला दिया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि जब करोड़ों रुपये की लागत से बना आरओबी बंद हो, रेलवे फाटक पर स्थायी ताला लगा हो और वैकल्पिक व्यवस्था प्रभावी न हो, तब आम लोगों की मुश्किलें लगातार बढ़ना स्वाभाविक है। किसान, छात्र, मरीज, छोटे व्यापारी और रोजाना आने-जाने वाले हजारों लोग लंबी दूरी तय करने को मजबूर हैं।

एसडीएम बोले- आरओबी बंद होने से बढ़ी परेशानी

मौके पर पहुंचे सदर एसडीएम अविनाश कुमार ने कहा कि प्रथम दृष्टया यह गंभीर मामला है। उन्होंने माना कि आरओबी बंद होने के कारण लोगों को परेशानी हो रही है। उन्होंने कहा कि पूरे मामले से रेलवे को अवगत कराते हुए पत्र भेजा जाएगा। साथ ही ट्रैक्टर चालक की पहचान कर ली गई है और उसके विरुद्ध विधि-सम्मत कार्रवाई करने का निर्देश दिया गया है। वहीं सदर एसडीपीओ गौरव पांडेय ने बताया कि पूरे मामले की जांच की गई है। रेलवे कर्मियों को भविष्य में इस प्रकार की घटना दोबारा नहीं होने देने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही फुट ओवरब्रिज पर सुरक्षा व्यवस्था और निगरानी बढ़ाने को कहा गया है।

जीआरपी की सफाई- रास्ता भटक गया था चालक

जीआरपी थाना प्रभारी के अनुसार ट्रैक्टर चालक रास्ता भटक गया था और इसी कारण वह फुट ओवरब्रिज पर पहुंच गया। उन्होंने बताया कि मौके पर मौजूद रेल पुलिस के जवानों ने ट्रैक्टर को सुरक्षित पीछे कर नीचे उतरवा दिया। हालांकि घटना के वीडियो ने रेलवे की सुरक्षा व्यवस्था पर कई सवाल खड़े कर दिए हैं।

96 घंटे में बंद हो गया करोड़ों का पुल

 इटाढ़ी रेलवे गुमटी के समीप लगभग 26 करोड़ 40 लाख रुपये की लागत से बने रेलवे ओवरब्रिज पर वाहनों का परिचालन शुरू होने के महज 96 घंटे बाद ही पाया संख्या-5 के पास स्लैब क्षतिग्रस्त हो गया था। इसके बाद पुल को बंद कर दिया गया। दूसरी ओर रेलवे प्रशासन ने इटाढ़ी रेलवे फाटक को भी स्थायी रूप से बंद कर दिया है। इससे क्षेत्र की लाखों आबादी का आवागमन प्रभावित है। रेलवे फाटक खोलने और क्षतिग्रस्त आरओबी की मरम्मत की मांग को लेकर स्थानीय लोग और विपक्षी दल लगातार आंदोलन कर रहे हैं। कई बार धरना-प्रदर्शन और ज्ञापन दिए जा चुके हैं, लेकिन अब तक न तो फाटक खोला गया और न ही आरओबी  चालू हो सका।

गौरतलब है कि फुट ओवरब्रिज पर ट्रैक्टर चढ़ने की घटना ने एक बार फिर यह बहस छेड़ दी है कि कानून का उल्लंघन करने वालों पर कार्रवाई जरूरी है, लेकिन उतना ही जरूरी उन परिस्थितियों का समाधान भी है, जिनके कारण आम लोग रोजाना असुविधा और जोखिम के बीच सफर करने को मजबूर हैं। अब लोगों की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि कार्रवाई केवल चालक तक सीमित रहती है या फिर करोड़ों की परियोजना में आई खामियों और आवागमन संकट के स्थायी समाधान की दिशा में भी ठोस कदम उठाए जाते हैं।

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