"मंच पर दहाड़... सत्ता में आह!" कभी कहा था— '100 दिन में सड़क', आज बोले— 'हर दरवाज़ा खटखटाया'... आखिर किसके सामने बेबस हैं भाजपा विधायक आनंद मिश्रा? डबल इंजन की सरकार में छलका सत्ताधारी दल के विधायक का दर्द !
बक्सर: यह तस्वीर ध्यान से देखिए... कैमरे के सामने खड़े हैं भाजपा विधायक आनंद मिश्रा। चेहरे पर बेबसी है... आवाज़ में शिकायत है... और शब्दों में लाचारी।यही आनंद मिश्रा चुनावी मंच से दहाड़ते थे— "सत्ता और विपक्ष काम नहीं करने का बहाना है... 90 दिन में बक्सर बदल दूंगा... 100 दिन में गोलम्बर–जासो–नादाँव–कुल्हड़िया–बसौली–डुमराँव सड़क बन जाएगी।" तब तालियाँ बज रही थीं... आज सवाल गूंज रहे हैं।
अपने ही सरकार में लाचार हुए विधायक जी !
45 सेकेंड के वायरल वीडियो में विधायक कह रहे हैं— "बिहार का ऐसा कोई मंच नहीं बचा... कोई कार्यालय नहीं बचा... कोई फोरम नहीं बचा... जहाँ मैंने इस सड़क की लड़ाई नहीं लड़ी हो।" यानी... जो नेता कभी व्यवस्था बदलने का दावा कर रहे थे, आज वही व्यवस्था के सामने खुद को बेबस बता रहे हैं। जो कभी कांग्रेस के विपक्षी दल के विधायक को मिमियाने वाले विधायक कहकर खूब तालियां बाजवा रहे थे! वही विधायक क्या अब अपने ही सरकार में मिमिया रहे है! स्थानीय लोगो के इस तंज भरे सवाल ने विधायक समेत जिले के बीजेपी के नेताओं को असहज कर दिया है!
बक्सर की राजनीति ने ली करवट ।
जनता पूछ रही है— अगर सरकार में बैठा विधायक ही अपनी सरकार से सड़क नहीं बनवा पा रहा, तो फिर चुनावी मंचों पर किए गए वादों की जिम्मेदारी कौन लेगा?सवाल सड़क का नही भरोसे का है!
यह सवाल सिर्फ 18 किलोमीटर सड़क का नहीं है। यह सवाल उस भरोसे का है, जो वोट बनकर ईवीएम तक पहुँचा था। यह सवाल उस सिस्टम का है, जहाँ दावे सौ दिनों के होते हैं, लेकिन सड़क नौ महीने बाद भी इंतज़ार करती है।क्या प्रशासन पर नही है सरकार की नियंत्रण !
आनन्द मिश्रा कहते है! यह जो सड़क की लाचारी है! यह राजनीतिक लाचारी नही प्रशासनिक कमी है! हमने जिलाधिकारी को वीडियो भेजा है! विधायक जी के इस बयान ने पूरे सिस्ट्म को ही कटघरे में खड़ा कर दिया है! कुल्हड़िया के रहने वाले किसान ओम प्रकाश चाय की दुकान पर चर्चा के दौरान अपने मासूमियत अंदाज में कहते है! सीएम राजनीतिक व्यक्ति हो गए, डीएम प्रशासनिक ! अब तक हमलोग समझते थे कि सीएम के आगे सभी अधिकारी नतमस्तक है! लेकिन विधायक जी कहते है!कि प्रशासनिक लापरवाही है! इसका अर्थ सीधा है! की सत्ता में बैठे राजनीतिक व्यक्तियो के कंट्रोल में जिला प्रशासन नही है! और जिला प्रशासन के लोग जानबूझकर इस जिले में 18 किलोमीटर लंबी सड़क को बिहार का सबसे बदहाल सड़क बनाकर रखा है?
अब कैमरा विधायक की बेबसी रिकॉर्ड कर चुका है...देखना यह है कि सरकार सड़क बनाती है या जनता को ही कोई अगला फैसला लेना पड़ रहा है!
हम आपको बताते चले कि बक्सर जिला मुख्यालय में 18 किलोमीटर लंबी अद्भुत झील वाली सड़क पर रील बनाकर वायरल होने के लिए बिहार के कोने-कोने से युवा जासो - नदाव -कुल्हड़िया- डुमराँव मुख्य पथ पर पहुँचकर पूरे देश मे बिहार के बक्सर जिले के इस गौरवशाली अद्भुत झील वाली सड़क का मान बढ़ा रहे है! जिससे दर्शकों का खूब मनोरंजन हो रहा है!



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