एसडीएम आवास के साए में करोड़ों का चन्दन का वृक्ष गायब, सिस्टम बेखबर! नाथ बाबा मंदिर से 40 फीट के पेड़ काटकर उड़ा ले गए चोर , कानून बना मूकदर्शक !15 फीट दीवार फांद गए चोर, सुरक्षा सिर्फ फाइलों में,फोटो और बयान तक सिमटी पुलिस, जवाबदेही नदारद ! बक्सर मॉडल फिर उजागर: आस्था लूटी, अफसर सोते रहे ?
बक्सर -बिहार के बक्सर जिले में कानून-व्यवस्था की हकीकत एक बार फिर बेनकाब हो गई है। नगर थाना क्षेत्र में एसडीएम आवास से सटे प्रसिद्ध नाथ बाबा मंदिर (आदिनाथ अखाड़ा) परिसर से रविवार देर रात 60–70 साल पुराने दो सफेद चन्दन के पेड़ काटकर चोर करोड़ों की संपत्ति ले उड़े, और प्रशासन नींद में ही पड़ा रहा। जिन पेड़ों को आस्था, विरासत और पहचान का प्रतीक माना जाता था, वे महज कुछ घंटों में “सुरक्षा घेरे” के बीच से गायब हो गए और पुलिस फोटो खिंचवाने में ही रह गई !
एसडीएम आवास के अंदर से घुसकर मंदिर में कर ली चोरी !
घटना की सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि चोरों ने एसडीएम आवास के रास्ते करीब 15 फीट ऊंची दीवार फांदकर वारदात को अंजाम दिया। रात करीब 1:30 बजे 5–6 की संख्या में आए चोरों ने पहले पेड़ों को काटा, फिर मोटी रस्सी और सीढ़ी के सहारे लकड़ियों को दीवार पार कर ले गए। अनुमान है कि प्रत्येक पेड़ करीब 40 फीट लंबा था और दोनों की कीमत एक करोड़ रुपये से अधिक है। सवाल यह नहीं कि चोरी हुई—सवाल यह है कि इतनी संवेदनशील जगह पर इतनी बड़ी चोरी कैसे संभव हो गई?
एसडीएम आवास की तरफ से किसने की पत्थरबाजी !
मंदिर से जुड़े पुजारियों और सेवकों के अनुसार, ब्रह्मलीन श्रीनाथ बाबा द्वारा दशकों पहले लगाए गए ये सफेद चन्दन के पेड़ मंदिर की पहचान थे। सेवकों की नींद तब खुली जब चोर आधा काम कर चुके थे। शोर मचाने पर एसडीओ आवास की ओर से कथित पत्थरबाजी की बात सामने आई, जिससे अफरा-तफरी फैली और अंधेरे का फायदा उठाकर चोर फरार हो गए। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि लोग चिल्लाते रहे उसके बाद भी एसडीएम आवास के संतरी कहा थे! जिन्हें भनक तक नही लगी!
सुरक्षा पर सवाल !
इस पूरे घटनाक्रम ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं—क्या गार्ड, संतरी और निगरानी सिर्फ कागजों में मौजूद थे? की 40 फ़ीट लम्बे भारी भरकम वृक्ष को चोर चहारदीवारी के अंदर से काटकर 15 फ़ीट ऊंची दीवार को पार कर एसडीएम आवास होते फरार हो गए, मानो वृक्ष नही माचिस का डिब्बा हो !
यूपी से जुड़ रहा है तार !
सोमवार सुबह नगर थाना पुलिस मौके पर पहुंची। वन विभाग की टीम भी बुलाई गई, डॉग स्क्वायड की मदद से चोरो के साथ चन्दन के उस वृक्ष की खोज जारी है! बक्सर की जनता पूछ रही है कि जब चोरी एसडीएम आवास के साए में हुई, तो जिम्मेदारी किसकी है? क्या यह सिर्फ “अज्ञात चोरों” का मामला है या सुरक्षा चूक का संगठित परिणाम? बताया जा रहा है कि घटना के समय सदर एसडीओ अविनाश कुमार अपने बॉडीगार्ड के साथ पटना में थे और मंदिर के पीठाधीश्वर शीलनाथ बाबा उज्जैन प्रवास पर।
यह मात्र संयोग या योजना !
यह जांच का विषय है। की यह मात्र संयोग है या चोरो की बनाई हुई पूरी योजना है! कि जब जिम्मेदार मौके पर नहीं थे, तब करोड़ों की चोरी हो गई। इससे पहले भी बक्सर में अपराध, अतिक्रमण और रसूखदारों के सामने सिस्टम की लाचारगी पर सवाल उठते रहे हैं। इस घटना ने उन आशंकाओं को और मजबूत किया है।
क्या कहते है अधिकारी !
नगर थाना प्रभारी मनोज कुमार सिंह ने 5–6 चोरों की संलिप्तता की बात कहते हुए जल्द खुलासे का दावा किया है। दावे पहले भी हुए हैं; जनता अब नतीजे चाहती है। सवाल यह भी है कि क्या मंदिर और एसडीएम आवास के बीच सुरक्षा ऑडिट होगा? क्या जिम्मेदार अधिकारियों और गार्डों की जवाबदेही तय होगी? या फिर यह मामला भी फाइलों में दबकर रह जाएगा?
नाथ बाबा मंदिर की यह चोरी सिर्फ चन्दन की नहीं, भरोसे की भी चोरी है। अगर “सुरक्षित” मानी जाने वाली जगहों पर आस्था और संपत्ति दोनों असुरक्षित हैं, तो आम आदमी किस भरोसे जिए? बक्सर मॉडल एक बार फिर सामने है—जहां अपराध हो जाता है, और सिस्टम बाद में बयान देता है। अब देखना यह है कि इस बार बयान से आगे कुछ होता भी है या नहीं।



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