भूमि विवाद में भाजपा नेता प्रदीप राय का करारा जवाब बोले— “हार के बाद बौखलाए पूर्व विधायक, दस्तावेज़ देखने की हिम्मत हो तो सामने आएं” जमीन के सभी कागजात वैध, विपक्ष कर रहा मीडिया ट्रायल : प्रदीप राय राजनीतिक साजिश कर छवि धूमिल करने का आरोप न्यायालय पर जताया भरोसा,
प्रदीप राय बीजेपी नेता
बक्सर- जिला मुख्यालय स्थित नया बस स्टैंड बाइपास रोड की बहुचर्चित भूमि को लेकर चल रहे विवाद ने अब सियासी रंग और गहरा कर लिया है। विपक्ष द्वारा लगाए गए गंभीर आरोपों पर भाजपा नेता प्रदीप राय ने प्रेस रिलीज जारी कर तीखा पलटवार करते हुए सभी आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है। उन्होंने इसे पूर्व विधायक और विपक्ष की सोची-समझी राजनीतिक साजिश करार देते हुए कहा कि उनकी छवि धूमिल करने और राजनीतिक लाभ लेने के उद्देश्य से बेबुनियाद आरोप गढ़े जा रहे हैं।
बीजेपी नेता ने कहा सभी कागजात है वैध !
फोन पर हुई बातचीत में प्रदीप राय ने स्पष्ट कहा कि वह फिलहाल बक्सर से बाहर हैं और इसी का फायदा उठाकर उनके खिलाफ लगातार प्रेस विज्ञप्तियां जारी कर माहौल बिगाड़ने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने दो टूक शब्दों में कहा कि जिस जमीन को लेकर विवाद खड़ा किया जा रहा है, उससे जुड़े सभी कागजात उनके पास पूरी तरह वैध, अधिकृत और नियमसम्मत हैं। यदि किसी को आपत्ति है तो उसके लिए न्यायालय का रास्ता खुला है, न कि मीडिया के जरिए दबाव बनाने की राजनीति।
हार से बौखला गए है पूर्व विधायक !
भाजपा नेता ने पूर्व विधायक डॉ. अजीत कुशवाहा पर सीधा हमला बोलते हुए कहा कि चुनाव में करारी हार के बाद वे बौखलाहट में इस तरह के अनर्गल आरोप लगा रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि अब पूर्व विधायक कथित तौर पर जमीन के कारोबार में भी सक्रिय हो गए हैं और निजी स्वार्थ के लिए ऐसे विवाद खड़े किए जा रहे हैं। प्रदीप राय का कहना था कि जिन लोगों को जनता ने नकार दिया, वे अब सस्ती लोकप्रियता हासिल करने के लिए दूसरों पर कीचड़ उछालने में लगे हैं।
प्रदीप राय ने साफ शब्दों में कहा,
“मेरे पास जमीन से जुड़े सभी दस्तावेज पूरी तरह वैध हैं। किसी भी जांच से मैं पीछे हटने वाला नहीं हूं। सच सामने आने से मुझे कोई डर नहीं है।” उन्होंने कहा कि राजनीतिक अस्तित्व बचाने के लिए उनके खिलाफ झूठा नैरेटिव गढ़ा जा रहा है, लेकिन इससे सच्चाई बदलने वाली नहीं है। इतना ही नहीं, भाजपा नेता ने पूर्व विधायक को खुली चुनौती भी दी। उन्होंने कहा कि मीडिया में बयानबाजी करने और प्रेस नोट जारी करने से बेहतर है कि आमने-सामने बैठकर जमीन से जुड़े दस्तावेजों की निष्पक्ष जांच की जाए। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि आरोप लगाने से पहले तथ्यों की सही जानकारी हासिल करनी चाहिए, न कि अधूरी जानकारी के आधार पर जनता को गुमराह किया जाए।
है हिम्म्मत तो आमने सामने कर ले चर्चा !
“ बीजेपी नेता ने कहा अगर उनमें साहस है तो आमने-सामने बैठें। सारे कागजात देखकर सत्यता पर चर्चा करें। सिर्फ प्रेस विज्ञप्ति जारी कर भ्रम फैलाने से सच्चाई नहीं बदलती।”उन्होंने स्पष्ट किया कि अवैध कब्जा, जालसाजी, धमकी या जबरन निर्माण से उनका कोई लेना-देना नहीं है और पूरे मामले के पीछे केवल राजनीतिक दुर्भावना काम कर रही है।
तथ्यों का जांच कर ले मीडिया
भाजपा नेता ने मीडिया से भी अपील की कि किसी एक पक्ष के आरोपों के आधार पर निष्कर्ष निकालने से पहले तथ्यों की निष्पक्ष जांच की जाए। उन्होंने कहा कि मीडिया की जिम्मेदारी है कि वह दोनों पक्षों की बात सामने रखे, न कि किसी के राजनीतिक एजेंडे का हिस्सा बने। प्रदीप राय ने भरोसा जताया कि न्यायालय में सच्चाई सामने आने के बाद सभी आरोप स्वतः समाप्त हो जाएंगे।
फिलहाल यह मामला न्यायालय में विचाराधीन बताया जा रहा है और अंतिम निर्णय अदालत द्वारा ही लिया जाएगा। ऐसे में आने वाले दिनों में यह भूमि विवाद बक्सर की राजनीति में और अधिक गर्माहट पैदा कर सकता है।

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