भाजपा नेता पर बक्सर में पुश्तैनी जमीन हड़पने का लगा संगीन आरोप ! जाली दस्तावेज़, मृत महिला के नाम से फर्जी बिक्री का दावा ! कोर्ट में मामला दर्ज, फिर भी धड़ल्ले से जारी है निर्माण कार्य ! पीड़ित परिवार को जान–माल की मिल रही है धमकी, प्रशासन पर चुप्पी का आरोप डॉ. अजीत कुमार सिंह बोले—भूमाफियाओं के आगे बेबस दिख रहा सिस्टम !
बक्सर- जिले में भूमि माफियाओं के बढ़ते दुस्साहस और प्रशासनिक निष्क्रियता को उजागर करने वाला एक गंभीर मामला सामने आया है। जिला मुख्यालय स्थित नया बस स्टैंड बाइपास रोड (पेट्रोल पंप के पीछे) स्थित पुश्तैनी भूमि पर अवैध कब्जा और जबरन निर्माण को लेकर भाजपा नेता प्रदीप राय पर गंभीर आरोप लगे हैं। भाकपा (माले) के डुमराँव से पूर्व विधायक डॉ. अजीत कुमार सिंह के साथ पीड़ित सुदामा जी उपाध्याय ने सोमवार को जिलाधिकारी, बक्सर से मिलकर अवैध कब्जा हटाने, निर्माण पर रोक लगाने और न्यायालय के आदेशानुसार कार्रवाई की मांग की।
मृत महिला तीन साल बाद कैसे जीवित होकर लगा दी दस्तावेज पर अंगूठा !
पीड़ित सुदामा जी उपाध्याय के अनुसार उनकी खाता संख्या 71/42, प्लॉट संख्या 321/938, रकबा 6 कट्ठा भूमि पुश्तैनी संपत्ति है, जिसका न तो उन्होंने और न ही उनके स्वर्गीय पिता ने किसी प्रकार का विक्रय या हस्तांतरण किया है। इसके बावजूद प्रदीप कुमार राय और अखिलेश राय द्वारा जबरन कब्जा कर अवैध निर्माण कराया जा रहा है। पीड़ित का आरोप है कि वर्ष 2016 में उनकी माताजी, जिनका निधन 30 नवंबर 2013 को हो चुका था, के नाम से फर्जी स्वीकृति पत्र तैयार कर अंगूठा निशान लिया गया और उसी आधार पर अवैध बिक्री दर्शाई गई। यह पूरा मामला स्पष्ट रूप से जालसाजी और धोखाधड़ी का है। इस प्रकरण को लेकर सिविल कोर्ट, बक्सर में मामला दर्ज कराया गया है, जहां भारतीय दंड संहिता की धारा 467 और 471 के तहत संज्ञान भी लिया गया है। बावजूद इसके न तो अवैध कब्जा हटाया गया और न ही निर्माण कार्य पर रोक लगी। पीड़ित परिवार का कहना है कि केस दर्ज होने के बाद से उन्हें लगातार जान–माल की धमकियां मिल रही हैं, जिससे पूरे परिवार में भय का माहौल है।
एक और परिवार ने भाजपा नेता पर जमीन हड़पने का लगाया आरोप !
यही नहीं, ऐसा ही एक और मामला बक्सर के सोहनिपट्टी निवासी राजन कान्त उपाध्याय का भी सामने आया है। उनका आरोप है कि लालगंज मौजा के खाता संख्या 137/115, प्लॉट संख्या 653/485, रकबा 17 कट्ठा पुश्तैनी भूमि पर भाजपा नेता प्रदीप कुमार राय (पिता—कालिका राय) द्वारा जबरन कब्जा कर उसे ओपन बिरला माइंड स्कूल परिसर में मिला लिया गया है। जमीन देने से इनकार करने पर उन्हें भी लगातार जान–माल की धमकियां दी जा रही हैं। इस पूरे मामले पर पूर्व विधायक डॉ. अजीत कुमार सिंह ने तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि यह प्रकरण केवल दो परिवारों की जमीन का नहीं, बल्कि जिले में कानून व्यवस्था की भयावह तस्वीर को दर्शाता है। उन्होंने आरोप लगाया कि पीड़ितों ने जिला के कई उच्च अधिकारियों से न्याय की गुहार लगाई, लेकिन कार्रवाई करने से साफ इनकार कर दिया गया। इससे यह साफ जाहिर होता है कि भूमाफियाओं का खौफ सिर्फ आम गरीब जनता में ही नहीं, बल्कि प्रशासनिक महकमों में भी व्याप्त है।
है हिम्मत तो भू राजस्व मंत्री बिजय सिन्हा करे कार्रवाई !
डॉ. अजीत कुमार सिंह ने कहा कि एक ओर भाजपा के भूमि एवं राजस्व मंत्री भूमाफियाओं पर कार्रवाई की बात करते हैं, वहीं दूसरी ओर भाजपा के ही नेता खुलेआम पुश्तैनी जमीनों पर कब्जा कर रहे हैं। यह सरकार के दावों की पोल खोलने के लिए काफी है। यदि बिजय सिन्हा में है हिम्मत तो कार्रवाई करके दिखाए ! जनता को दिग्भर्मित करने के लिए केवल बड़ी बड़ी बातें न करे ! उन्होंने मुख्यमंत्री, गृह मंत्री और भूमि एवं राजस्व मंत्री से अविलंब हस्तक्षेप की मांग करते हुए कहा कि दोषियों पर सख्त कार्रवाई हो, अवैध निर्माण तत्काल रोका जाए और पीड़ित परिवारों की जान–माल की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए। पीड़ित परिवारों ने जिलाधिकारी से शीघ्र न्याय की उम्मीद जताई है। पूर्व विधयाक ने कहा यदि इस मामले में प्रशासन ने कार्रवाई नही की तो अंचल कार्यलय में भाकपा माले अनिश्चित कालीन धरना देगी !
गौरतलब है कि पूर्व विधायक ने अंचल कार्यालय के कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए कहा कि, बक्सर जिले में एक आम आदमी को जमीन म्यूटेशन कराने में कार्यालय का चक्कर लगाते - लगाते चप्पल घिस जाता है उसके बाद भी जमीन का म्यूटेशन बिना लेनदेन के नही होता है! वही भू माफियाओ का जमीन का म्यूटेशन 10 दिनों में हो जाता है! इससे साफ पता चलता है कि सिस्टम में बैठे हुए लोग ही जमीन का कब्जा कराने में सहयोग कर रहे है!




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