बक्सर में सोन नहर की सरकारी जमीन पर अतिक्रमण का खेल बेनकाब ! नया बस स्टैंड से नहर पुल तक अवैध कब्जे पर बवाल ! होटल व्यवसायी ने जिलाधिकारी से की अतिक्रमण मुक्त कराने की मांग।

बक्सर में सोन नहर की सरकारी जमीन पर अतिक्रमण का खेल बेनकाब ! नया बस स्टैंड से नहर पुल तक अवैध कब्जे पर बवाल ! होटल व्यवसायी ने जिलाधिकारी से की अतिक्रमण मुक्त कराने की मांग। नहर सौंदर्यीकरण योजना पर मंडराया खतरा। कार्रवाई होगी या फाइलों में दबेगा मामला? बक्सर में सोन नहर की जमीन पर अतिक्रमण का मामला ने पकड़ा तूल !

बक्सर नगर थाना क्षेत्र अंतर्गत बाइपास रोड पर नया बस स्टैंड से लेकर मेन रोड स्थित नहर पुल तक सोन नहर प्रमंडल की सरकारी जमीन पर अतिक्रमण का मामला अब गंभीर रूप लेता जा रहा है। स्थानीय निवासी व होटल व्यवसायी प्रदीप राय ने इस संबंध में जिलाधिकारी बक्सर को लिखित आवेदन देकर पूरे क्षेत्र को अतिक्रमण मुक्त कराने की मांग की है। आवेदन के बाद प्रशासनिक हलकों में भी हलचल तेज हो गई है और स्थानीय लोगों की निगाहें अब जिला प्रशासन की कार्रवाई पर टिकी हुई हैं।

जिलाधिकारी से प्रदीप राय ने की लिखित शिकायत !

आवेदन में होटल व्यवसायी ने स्पष्ट आरोप लगाया है कि सोन नहर की दोनों किनारों पर लगभग एक किलोमीटर के दायरे में बड़े पैमाने पर अवैध कब्जा किया गया है। नहर की जमीन पर दुकानों की कतारें लग चुकी हैं, जिनमें किराना दुकान, चाय-नाश्ते की दुकानें, डेयरी, वेल्डिंग शॉप सहित अन्य छोटे-बड़े व्यवसाय संचालित हो रहे हैं। इतना ही नहीं, कुछ लोगों ने तो सरकारी जमीन पर आवासीय निर्माण भी शुरू कर दिया है। इससे न केवल सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंच रहा है, बल्कि नहर क्षेत्र की मूल उपयोगिता भी प्रभावित हो रही है।

दिन-ब-दिन संकरी होती जा रही है नहर

प्रदीप राय का कहना है कि बाइपास रोड स्थित नया बस स्टैंड के ठीक सामने सोन नहर प्रमंडल की महत्वपूर्ण जमीन है, जो भविष्य में यातायात, जल प्रबंधन और सौंदर्यीकरण के लिहाज से बेहद अहम है। सरकार द्वारा नहर क्षेत्र के सौंदर्यीकरण की योजना प्रस्तावित है, लेकिन अतिक्रमण की वजह से यह योजना कागजों में ही सिमट सकती है। लगातार बढ़ रहे अवैध कब्जे से नहर की जमीन दिन-ब-दिन संकरी होती जा रही है, जो भविष्य में बड़ी समस्या का कारण बन सकती है।

होटल के सामने किसने कर दी ईट सोलिंग ?

आवेदन में एक अहम बिंदु यह भी उठाया गया है कि उनके होटल के सामने स्थित दुर्गा माता मंदिर के आसपास केवल साफ-सफाई कराई गई है। बावजूद इसके कुछ लोग इसे गलत तरीके से अतिक्रमण बताने का प्रयास कर रहे हैं। जबकि हकीकत यह है कि पूरे इलाके में बड़े पैमाने पर अवैध कब्जा फैला हुआ है, जिस पर संबंधित विभागों की नजर नहीं पड़ रही। होटल व्यवसायी ने यह भी आरोप लगाया है कि उनके होटल के सामने ईंट सोलिंग कर अतिक्रमण करने का प्रयास किसी अन्य व्यक्ति द्वारा किया गया है, लेकिन कार्रवाई की बात आते ही कुछ लोगों को सिर्फ एक ही अतिक्रमण दिखाई दे रहा है। इससे अतिक्रमणकारियों और संबंधित लोगों के बीच सांठगांठ की आशंका भी जताई जा रही है।

क्या कहते है अधिकारी ?


वहीं, सोन नहर की जमीन को अतिक्रमण मुक्त कराने के सवाल पर सोन नहर प्रमंडल के कार्यपालक अभियंता धर्मेंद्र भारती ने बताया कि जिला प्रशासन से आवश्यक बल की मांग की गई है। उन्होंने स्पष्ट किया कि नहर की जमीन को चिन्हित कर चरणबद्ध तरीके से पूरे क्षेत्र को अतिक्रमण मुक्त कराया जाएगा। विभागीय स्तर पर तैयारी की जा रही है, लेकिन कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए प्रशासनिक सहयोग जरूरी है।

गौरतलब है कि जिलाधिकारी को दिए गए आवेदन के बाद यह मामला अब सार्वजनिक चर्चा का विषय बन गया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय रहते सख्त कार्रवाई नहीं की गई, तो सरकारी जमीन पर अतिक्रमण और बढ़ेगा। अब देखने वाली बात यह होगी कि जिला प्रशासन इस शिकायत पर कितनी गंभीरता से संज्ञान लेता है और नया बस स्टैंड से लेकर मेन रोड नहर पुल तक सोन नहर की दोनों किनारों को अतिक्रमण मुक्त कराता है या फिर यह मामला भी अन्य शिकायतों की तरह फाइलों में दबकर रह जाएगा। फिलहाल पूरे इलाके की नजरें प्रशासन के अगले कदम पर टिकी हुई हैं।

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