डीएम साहिला का बड़ा एक्शन! 24 घंटे में डीटीओ से मांगा जवाब, वायरल ऑडियो-वीडियो की होगी जांच ! डीटीओ कार्यालय में शराब और वसूली कांड पर डीएम सख्त, तीन सदस्यीय जांच कमिटी गठित ! शराब, वसूली और वायरल ऑडियो से मचा हड़कंप, डीएम ने डीटीओ को जारी किया शोकॉज नोटिस ! डीटीओ ऑफिस पर डीएम की कड़ी नजर, 24 घंटे में स्पष्टीकरण और जांच के आदेश ! अब डीटीओ कार्यालय के खेल की खुलेगी परतें! डीएम के एक्शन से विभाग में मचा हड़कंप!
बक्सर — जिला परिवहन कार्यालय में शराब की बोतल बरामद होने और कथित घूसखोरी से जुड़े ऑडियो-वीडियो वायरल होने के बाद आखिरकार जिला प्रशासन एक्शन मोड में आ गया है। जिला पदाधिकारी साहिला ने पूरे मामले को गंभीरता से लेते हुए जिला परिवहन पदाधिकारी (डीटीओ) से 24 घंटे के भीतर स्पष्टीकरण मांगा है। साथ ही वायरल ऑडियो और वीडियो में लगाए गए आरोपों की जांच के लिए तीन सदस्यीय कमिटी का गठन कर दिया गया है। देर रात जिला सूचना एवं जनसंपर्क विभाग द्वारा पत्रकारों के आधिकारिक ग्रुप में प्रेस विज्ञप्ति जारी कर इसकी जानकारी दी गई।तीन सदस्यीय जांच कमिटी गठित !
जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार दिनांक 14.05.2026 को अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी बक्सर के नेतृत्व में नगर थाना और मद्य निषेध विभाग की संयुक्त टीम द्वारा जिला परिवहन कार्यालय परिसर में छापेमारी की गई थी। इस दौरान कार्यालय परिसर से शराब की भरी और खाली बोतलें बरामद हुईं। सरकारी कार्यालय परिसर से शराब मिलने की घटना ने प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मचा दिया है। मामले को गंभीर मानते हुए जिला पदाधिकारी ने डीटीओ बक्सर को निर्देश दिया है कि वह 24 घंटे के अंदर अपना स्पष्ट जवाब समर्पित करें। प्रशासनिक सूत्रों की मानें तो जवाब के बाद जिलाधिकारीआगे की कार्रवाई तय करेंगी !घूसखोरी कांड का भी होगा जांच !
इधर, 13 मई को सोशल मीडिया पर वायरल हुए ऑडियो और वीडियो ने परिवहन विभाग की कार्यशैली पर और भी बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। वायरल सामग्री में कथित रूप से ट्रकों से अवैध वसूली, सेटिंग और विभागीय संरक्षण जैसे आरोप लगाए गए हैं। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए जिला प्रशासन ने त्रिस्तरीय जांच दल का गठन किया है। जांच टीम को निर्देश दिया गया है कि वायरल ऑडियो और वीडियो के आधार पर लगाए गए आरोपों की सत्यता की जांच कर जल्द से जल्द संयुक्त प्रतिवेदन जिला पदाधिकारी को सौंपा जाए।डीएम साहिला ने साफ शब्दों में कहा है कि जांच में जो भी दोषी पाए जाएंगे, उनके खिलाफ कठोर अनुशासनिक कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन के इस रुख के बाद परिवहन विभाग में हड़कंप की स्थिति देखी जा रही है।पूर्व आईपीएस अधिकारी ने सम्भाला है मोर्चा !
इधर परिवहन कार्यालय से बरामद हुई शराब और घूसखोरी कांड को लेकर एनकाउंटर स्पेशलिस्ट पूर्व आईपीएस सह वर्तमान विधायक ने भी अब मोर्चा सम्भाल ली है ! उन्होंने साफ और सीधे शब्दों में कह है कि सरकारी कार्यालय है या धर्मशाला ! जंहा कोई भी आता है कुछ भी रखकर चला जाता है! इसका मतलब साफ है कि सरकारी कार्यालय ऐसे ही चलते है! उन्होंने कहा कि आखिर पुलिस किसे बेवकूफ बना रही है ! मैं भी पुलिस अधिकारी रहा हूँ ! चीजो को बारीकी से समझता हूँ ! ऐसे कैसे हो गया कि कोई दोषी नही कोई गिरफ्तारी नही ! अब तो साहब की ही जांच करवानी पड़ेगी की आखिर बक्सर में चल क्या रहा है! यह कोई साधारण अपराध नही है ! मैं मुख्यमंत्री से मिलकर इसकी लिखित शिकायत करूँगा ! मैं बर्दास्त करने वाला नही हूँ !अब डीटीओ कार्यालय का खुलेगा कई राज !
सूत्र बताते हैं कि विभागीय कर्मियों के बीच लंबे समय से चल रहे अंदरूनी विवाद के कारण अब कई परतें खुलनी शुरू हो गई हैं। पत्रकारों के हाथ ऐसे कई वीडियो लगे हैं जिनमें कथित तौर पर वसूली का खेल दिखाई दे रहा है। चर्चा यह भी है कि विभाग के कुछ कर्मियों ने ही ट्रक चालकों के बयान रिकॉर्ड कराकर मीडिया तक पहुंचाया है। इससे साफ संकेत मिल रहे हैं कि विभाग के भीतर की खींचतान अब खुलकर सामने आने लगी है।दिल्ली में गूंज रही है डीटीओ कार्यालय का काला कारनामा !
बक्सर डीटीओ कार्यालय का मामला अब जिले तक सीमित नहीं रह गया है। इसकी गूंज राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली तक सुनाई देने लगी है। दिल्ली के कई पत्रकारों और मीडिया संस्थानों ने फोन कर पूरे घटनाक्रम की जानकारी जुटाई है। कई वरिष्ठ पत्रकारों का मानना है कि मामला बेहद गंभीर है और इसे साधारण घटना साबित करने की कोशिश की जा रही थी, लेकिन लगातार सामने आ रहे वीडियो और प्रशासनिक कार्रवाई ने पूरे प्रकरण को राष्ट्रीय चर्चा का विषय बना दिया है।
हम आपको बताते चले कि अब सबकी नजर जिला प्रशासन की जांच रिपोर्ट और आगे होने वाली कार्रवाई पर टिकी हुई है। यदि जांच में आरोप सही पाए जाते हैं तो परिवहन विभाग के कई बड़े अधिकारियों और कर्मियों पर कार्रवाई की गाज गिरेगी या फिर खानापूर्ति कर मामले को रफादफा कर दिया जाएगा ! क्योंकि वर्तमान सदर विधायक ने पहले ही कहा है कि यंहा केवल फोटो सेशन होता है ! जमीन पर कार्रवाई क्या हुई ! इसका जानकारी फाइल में ही सीमित हो जाता है!





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