सरकारी दफ्तर बना “शराबखाना”! अलमीरा में फाइल नहीं, मिली शराब की बोतलें ! किचेन में सब्जी की जगह रखा था शराब का जखीरा पुलिस-उत्पाद विभाग की संयुक्त रेड में खुला खेल ! डीटीओ कार्यालय में पूछताछ और जांच से मचा हड़कंप !
बक्सर — जिला परिवहन कार्यालय में गुरुवार को उस समय अफरा-तफरी मच गई जब पुलिस और उत्पाद विभाग की संयुक्त टीम ने छापेमारी के दौरान भारी मात्रा में शराब बरामद की। सरकारी दफ्तर के अंदर जिस जगह पर फाइलें, दस्तावेज और कार्यालयी सामान रखे जाने चाहिए थे, वहां शराब की बोतलें मिलने से अधिकारी भी हैरान रह गए। छापेमारी के दौरान गार्ड रूम की अलमीरा से लेकर किचेन तक शराब की बोतलें बरामद हुईं, जिसके बाद पूरे विभाग में सनसनी फैल गई।पुलीस की कार्रवाई में हुआ खुलासा !
जानकारी के अनुसार, पुलिस और उत्पाद विभाग की टीम को गुप्त सूचना मिली थी कि परिवहन कार्यालय परिसर में शराब रखी गई है। सूचना के आधार पर संयुक्त टीम ने अचानक कार्यालय में छापा मारा। जांच के दौरान गार्ड रूम की अलमीरा खोली गई तो उसमें फाइलों की जगह शराब की बोतलें रखी मिलीं। इसके बाद जब टीम किचेन तक पहुंची तो वहां भी खाने-पीने के सामान की जगह शराब का जखीरा देखकर अधिकारी दंग रह गए।कहा से आया शराब !
छापेमारी के दौरान कुछ बोतलें खाली अवस्था में मिलीं, जबकि कई बोतलों में शराब भरी हुई थी। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, शराब की मात्रा इतनी थी कि प्रथम दृष्टया यह मामला केवल व्यक्तिगत सेवन तक सीमित नहीं लग रहा है। यही वजह है कि अब जांच का दायरा बढ़ाया जा रहा है और यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि आखिर सरकारी कार्यालय के भीतर शराब किसके संरक्षण में रखी जा रही थी और इसके पीछे कौन-कौन लोग शामिल हैं।हैरान है बक्सर पुलीस !
मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों ने भी हैरानी जताई कि बिहार में पूर्ण शराबबंदी कानून लागू होने के बावजूद सरकारी कार्यालय के अंदर इस तरह शराब का मिलना बेहद गंभीर मामला है। बरामद शराब को पुलिस और उत्पाद विभाग की टीम ने जब्त कर सील कर दिया है। वहीं पूरे कार्यालय परिसर की बारीकी से जांच की जा रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि कहीं अन्य कमरों में भी शराब छिपाकर तो नहीं रखी गई थी।
क्या कहते है जिला परिवहन पदाधिकारी !
छापेमारी के बाद जिला परिवहन पदाधिकारी से बंद कमरे में पूछताछ की गई। इसके अलावा कार्यालय के अन्य कर्मचारियों और कर्मियों से भी अलग-अलग जानकारी ली जा रही है। पूरे घटनाक्रम के बाद परिवहन विभाग में हड़कंप की स्थिति बनी हुई है और कर्मचारी खुलकर कुछ भी बोलने से बचते नजर आए। इस मामले को लेकर जिला परिवहन पदाधिकारी राज कुमार प्रसाद ने बताया कि गार्ड रूम की अलमीरा और किचेन से शराब बरामद हुई है। उन्होंने कहा कि प्रथम दृष्टया ऐसा प्रतीत हो रहा है कि वहां शराब जमा की जा रही थी। उन्होंने यह भी कहा कि कुछ खाली शराब की बोतलें भी मिली हैं और पुलिस जांच में जो भी दोषी पाए जाएंगे, उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। दोषियों को जेल भेजने के साथ-साथ विभागीय कार्रवाई भी की जाएगी।क्या कहते है सदर एसडीपीओ !
वहीं सदर एसडीपीओ गौरव पांडेय ने बताया कि गार्ड रूम और किचेन से शराब की बोतलें बरामद हुई हैं। फिलहाल बोतलों की गिनती कराई जा रही है और पूरे मामले की गंभीरता से जांच चल रही है। उन्होंने कहा कि पुलिस अनुसंधान में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उसकी जानकारी मीडिया को दी जाएगी।
सरकारी कार्यालय में शराब मिलने की इस घटना ने विभागीय कार्यशैली, सुरक्षा व्यवस्था और निगरानी प्रणाली पर कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब सभी की नजर पुलिस जांच पर टिकी है कि इस “सरकारी शराबखाने” का असली खेल आखिर किसके इशारे पर चल रहा था।




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