ज्योति चौक पर शनिवार के दिन फूटा जमीन का गुस्सा!भाजपा नेता पर अवैध कब्जा और जाली दस्तावेज़ों से जमीन हड़पने के गंभीर आरोप ! पीड़ितों के दस्तावेज़, कोर्ट का संज्ञान, फिर भी जारी निर्माण ! नगर परिषद, प्रशासन और भूमाफियाओं की मिलीभगत पर सवाल!कार्रवाई नहीं हुई तो सड़कों पर उतरेगा जनआंदोलन – डॉ. अजीत कुमार सिंह!
बक्सर की धरती एक बार फिर जमीन, सत्ता और सिस्टम के टकराव की गवाह बनी। शहर के व्यस्ततम ज्योति चौक पर उस वक्त माहौल गर्म हो गया, जब डुमरांव के पूर्व विधायक एवं भाकपा (माले) के राज्य कमिटी सदस्य डॉ. अजीत कुमार सिंह दर्जनों पीड़ित परिवारों के साथ प्रेस कॉन्फ्रेंस में उतरे। आरोप बेहद गंभीर थे—भाजपा नेता एवं व्यवसायी प्रदीप कुमार राय पर अवैध कब्जा, जाली दस्तावेज़ों के सहारे रैयती और सरकारी जमीन हड़पने का।
जनता की अदालत में प्रेस वार्ता !
प्रेस कॉन्फ्रेंस में बक्सर के पूर्व विधायक संजय कुमार तिवारी उर्फ मुन्ना तिवारी, समाजसेवी रामजी सिंह, चौसा किसान आंदोलन के नेता राम प्रवेश सिंह सहित कई जनप्रतिनिधियों की मौजूदगी एवं सैकड़ो लोगो की उपस्थिति ने मामले को और गम्भीर बना दिया। मंच पर बैठे पीड़ितों के चेहरे गवाही दे रहे थे कि यह सिर्फ कागज़ों की लड़ाई नहीं, बल्कि अस्तित्व और इंसाफ की जंग है।
होटल वैष्णवी बना विवाद का केंद्र !
पीड़ित सुदामा उपाध्याय और विक्की कुमार गुप्ता ने दस्तावेज़ दिखाते हुए आरोप लगाया कि बक्सर नया बस स्टैंड बाइपास रोड स्थित होटल वैष्णवी (पेट्रोल पंप के पीछे) के निर्माण में उनकी पुश्तैनी भूमि को जबरन शामिल कर लिया गया है। उनका कहना है कि प्रशासन को बार-बार शिकायत देने के बावजूद न तो अवैध कब्जा रोका गया और न ही निर्माण कार्य पर कोई ठोस कार्रवाई हुई।
कोर्ट ने लिया संज्ञान प्रशासन मौन !
सुदामा उपाध्याय के मामले में सिविल कोर्ट, बक्सर द्वारा भारतीय दंड संहिता की धारा 467 और 471 के तहत संज्ञान लिया जाना इस पूरे प्रकरण को और गंभीर बनाता है। इसके बावजूद निर्माण कार्य जारी रहने और पीड़ित परिवार को लगातार जान-माल की धमकियां मिलने के आरोप ने कानून व्यवस्था पर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है।
सरकारी भूमि बन गई निजी सम्पति !
प्रेस कॉन्फ्रेंस में यह दावा भी किया गया कि मामला सिर्फ निजी रैयती भूमि तक सीमित नहीं है। जासो क्षेत्र की लगभग साढ़े चार एकड़ सरकारी भूमि को भी प्रशासन से मिलीभगत कर फर्जी कागजात के जरिए निजी संपत्ति में तब्दील कर दिया गया। अगर यह आरोप सही हैं, तो यह पूरे सिस्टम पर एक गंभीर कलंक है।
स्कूल के नाम पर कब्जे का दावा
सोहनपट्टी निवासी राजनकांत उपाध्याय ने बताया कि लालगंज मौजा की उनकी 17 कट्ठा पुश्तैनी भूमि (खाता संख्या 137/115, प्लॉट संख्या 653/485) पर ओपन बिरला माइंड स्कूल के नाम से जबरन कब्जा कर लिया गया है। आरोप है कि जमीन की मापी तक नहीं होने दी जा रही, ताकि सच्चाई सामने न आ सके।
नगर परिषद के बाबुओं पर तीखा हमला !
डॉ. अजीत कुमार सिंह ने नगर परिषद के अधिकारियों पर तीखा व्यंग्य करते हुए कहा कि जो अधिकारी गरीबों की झोपड़ियां उजाड़ने और कमजोरों से जबरन होर्डिंग टैक्स वसूलने में आगे रहते हैं, वे आज तक भाजपा नेता प्रदीप राय से एक रुपया भी होर्डिंग टैक्स नहीं वसूल पाए। उन्होंने सवाल उठाया कि नगर परिषद क्षेत्र की सरकारी जमीनें कैसे दबंगों द्वारा कब्जा कर करोड़ों-अरबों में बेच दी गईं और अधिकारी मूकदर्शक बने रहे।
चेतावनी के साथ जन आंदोलन का एलान !
डॉ. अजीत कुमार सिंह ने साफ कहा कि यह मामला सिर्फ भूमि विवाद नहीं, बल्कि प्रशासनिक निष्क्रियता और भूमाफियाओं के बढ़ते मनोबल का प्रतीक है। यदि अवैध कब्जा और निर्माण पर तत्काल रोक नहीं लगी, दोषियों पर कार्रवाई और पीड़ितों को सुरक्षा नहीं दी गई, तो बक्सर की जनता सड़कों पर उतरकर हिसाब-किताब करने को मजबूर होगी। यह सवाल अब सिर्फ पीड़ितों का नहीं, बल्कि पूरे बक्सर का है—क्या कानून ताकतवरों के लिए अलग है, और गरीबों के लिए अलग?

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